एमपी कैबिनेट का बड़ा फैसला: तबादलों की समय सीमा बढ़ी, इंदौर मेट्रो का बजट 12,900 करोड़ पहुंचा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मध्य प्रदेश कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगी। राज्य कर्मचारियों के तबादलों को लेकर सरकार ने बड़ी राहत देते हुए तबादला अवधि को 24 घंटे और बढ़ा दिया है।
अब विभागीय तबादले आज रात 12 बजे तक किए जा सकेंगे। सरकार ने बताया कि पहले 15 जून तक तबादलों की समय सीमा निर्धारित थी, लेकिन विभागों से मिली मांग और प्रशासनिक आवश्यकताओं को देखते हुए इसे एक दिन के लिए आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया है लंबित प्रस्तावों को अंतिम रूप देने में सुविधा मिलेगी।
इंदौर मेट्रो परियोजना की लागत में बड़ा इजाफा
कैबिनेट बैठक में इंदौर मेट्रो रेल परियोजना के संशोधित प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी गई। पहले लगभग 7,500 करोड़ रुपये आंकी गई परियोजना की लागत अब बढ़कर 12,900 करोड़ रुपये हो गई है।
सरकार का कहना है कि बढ़ती जरूरतों और परियोजना के विस्तार को देखते हुए संशोधित लागत को स्वीकृति दी गई है। इसके साथ ही विभिन्न विभागों की करीब 24 हजार करोड़ रुपये लागत वाली विकास योजनाओं को भी जारी रखने की मंजूरी प्रदान की गई है।
स्वास्थ्य अधोसंरचना प्रोत्साहन नीति-2026 को मंजूरी
कैबिनेट ने स्वास्थ्य अधोसंरचना प्रोत्साहन नीति-2026 को भी हरी झंडी दे दी है। इस नीति का उद्देश्य प्रदेश में अस्पतालों और डायग्नोस्टिक केंद्रों की संख्या बढ़ाना तथा स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करना है। नई नीति के तहत परोपकारी, सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं द्वारा संचालित अस्पतालों को प्रोत्साहन मिलेगा।
सरकार ऐसे संस्थानों को आधुनिक उपकरणों की खरीद, बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराएगी।
अस्पताल संचालित करने वाले ट्रस्टों को मिलेगी जमीन
सरकार ने यह भी संकेत दिए हैं कि अस्पताल संचालन में सक्षम ट्रस्टों और संस्थाओं को जमीन उपलब्ध कराने की दिशा में कदम बढ़ाए जाएंगे। इसके लिए पांच मंत्रियों की एक समिति बनाई जाएगी, जो जमीन आवंटन और अन्य मानकों पर अपनी सिफारिशें देगी।
सरकार का दावा है कि इस पहल से प्रदेश में सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों का विस्तार होगा, चिकित्सा सुविधाएं बेहतर होंगी और मरीजों को इलाज के लिए दूसरे शहरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा।
18 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र होंगे विकसित
बैठक में रीवा, देवास और गुना सहित प्रदेश के 18 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को उन्नत स्वास्थ्य केंद्रों के रूप में विकसित करने का निर्णय भी लिया गया। सरकार का मानना है कि इससे ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता दोनों में सुधार होगा।

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