रीवा के लक्ष्मणबाग में शुरू हुआ भगवान जगन्नाथ का ‘अनसर काल’, 15 दिनों तक होंगे विश्राम, फिर देंगे भक्तों को दर्शन
रीवा | Viral Bharat
रीवा के ऐतिहासिक लक्ष्मणबाग संस्थान में भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के महासनान के बाद पारंपरिक ‘अनसर काल’ की शुरुआत हो गई है। धार्मिक मान्यता के अनुसार महासनान के बाद भगवान अस्वस्थ हो जाते हैं, इसलिए आगामी 15 दिनों तक वे एकांत विश्राम करेंगे। इस दौरान मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए बंद रहेंगे और भगवान का विशेष आयुर्वेदिक उपचार किया जाएगा।
108 कलशों के जल से हुआ महासनान
ज्येष्ठ पूर्णिमा के अवसर पर भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा का 108 पवित्र कलशों के जल से महासनान कराया गया। मान्यता है कि अधिक जल से स्नान के बाद भगवान को ज्वर हो जाता है, जिसके कारण उन्हें विश्राम की आवश्यकता होती है। इसी परंपरा के तहत अनसर काल का पालन किया जाता है।
15 दिनों तक बंद रहेंगे मंदिर के कपाट
अनसर काल के दौरान भगवान एकांतवास में रहते हैं और श्रद्धालुओं को प्रत्यक्ष दर्शन नहीं होते। मंदिर प्रशासन ने बताया कि इस अवधि में भगवान को पूर्ण विश्राम दिया जाएगा और मंदिर के कपाट भी बंद रहेंगे।
राजवैद्य करेंगे पारंपरिक आयुर्वेदिक उपचार
परंपरा के अनुसार नगर के राजवैद्य भगवान का विशेष आयुर्वेदिक उपचार करेंगे। इस दौरान जड़ी-बूटियों से तैयार औषधियां, काढ़ा और फलों का रस भगवान को अर्पित किया जाएगा।
यह परंपरा वर्षों से लगातार निभाई जा रही है।
15 दिन बाद नगर भ्रमण पर निकलेंगे भगवान
मंदिर के पुजारियों के अनुसार उपचार और विश्राम की अवधि पूरी होने के बाद भगवान पुनः भक्तों को दर्शन देंगे। इसके पश्चात नगर भ्रमण और आगामी धार्मिक आयोजनों की शुरुआत होगी, जिसका श्रद्धालु बेसब्री से इंतजार करते हैं।

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