रीवा के जंगलों में छिपा इतिहास खतरे में... सिरमौर की रहस्यमयी शैलचित्र धरोहर पर विकास और मानवीय गतिविधियों का बढ़ता संकट

रीवा | मध्यप्रदेश TVA 
रीवा जिले से लगभग 45 किलोमीटर दूर स्थित सिरमौर का वन क्षेत्र इन दिनों एक गंभीर बहस का केंद्र बना हुआ है। घने जंगलों, पहाड़ियों और जलप्रपातों के बीच मौजूद हजारों वर्ष पुराने शैलचित्र अब केवल ऐतिहासिक धरोहर नहीं, बल्कि संरक्षण की चुनौती बन चुके हैं। विशेषज्ञों के अनुसार इन प्राचीन रॉक पेंटिंग्स के आसपास तेजी से बढ़ रही निर्माण गतिविधियां और पर्यटन विकास योजनाएं इनके अस्तित्व के लिए खतरा पैदा कर रही हैं। कई स्थानों पर रंग-रोगन, पत्थर कटाई और मानवीय हस्तक्षेप के कारण चट्टानों को नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आई हैं।
कन्या महाविद्यालय रीवा के प्रोफेसर डॉ. मुकेश एंगल के अनुसार ये शैलचित्र मानव सभ्यता के प्रारंभिक दौर का महत्वपूर्ण दस्तावेज हैं। गेरुआ रंगों से बनी इन पेंटिंग्स में हाथियों की सवारी, शिकार के दृश्य और सामूहिक नृत्य जैसी गतिविधियों का चित्रण मिलता है, जो उस समय के सामाजिक जीवन और प्रकृति से संबंध को दर्शाता है। इतिहासकार इन चित्रों को हड़प्पा कालीन सभ्यता के समकालीन मानते हैं। यदि इनका वैज्ञानिक अध्ययन और प्रमाणिक दस्तावेजीकरण किया जाए, तो सिरमौर क्षेत्र विश्व के प्रमुख पुरातात्विक स्थलों में अपनी पहचान बना सकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि प्राकृतिक क्षरण से अधिक खतरा मानवीय गतिविधियों से है। स्थानीय स्तर पर गिट्टी खनन, पत्थर तोड़ने और चट्टानों पर नाम लिखने जैसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। इसके अलावा जागरूकता की कमी के कारण लोग इन धरोहरों के महत्व को समझ नहीं पा रहे। वैज्ञानिकों के अनुसार इन शैलचित्रों की एक विशेषता यह भी है कि इनके रंग मौसम के अनुसार बदलते दिखाई देते हैं, जो संभवतः प्राकृतिक खनिजों और पर्यावरणीय प्रभावों के कारण होता है। यही रहस्यमयी विशेषता इन्हें और अधिक महत्वपूर्ण बनाती है।

सिरमौर को पर्यटन और धार्मिक केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना पर काम चल रहा है, लेकिन इतिहासकार चेतावनी दे रहे हैं कि यदि संरक्षण और विकास के बीच संतुलन नहीं बनाया गया, तो यह धरोहर धीरे-धीरे समाप्त हो सकती है। विशेषज्ञ Controlled Tourism, Digital Documentation और वैज्ञानिक संरक्षण की मांग कर रहे हैं ताकि आने वाली पीढ़ियां भी इस प्राचीन विरासत को देख सकें। फिलहाल सिरमौर एक ऐसे मोड़ पर खड़ा है, जहां विकास की चमक और इतिहास की fading पहचान आमने-सामने दिखाई दे रही है।

📰 Viral Bharat
⚡ News That Matters

Post a Comment

Previous Post Next Post
BREAKING NEWS : Loading...

ताज़ा खबरें

राजनीति समाचार
राजनीति समाचार लोड हो रहे हैं...