दो महिला अफसरों का टकराव आखिर ऐसा क्या हुआ कि मामला पहुंच गया सुप्रीम कोर्ट?
देश की दो चर्चित महिला अधिकारियों—कर्नाटक कैडर की IAS अधिकारी रोहिणी सिंधुरी और IPS अधिकारी डी. रूपा दिवाकर मौदगिल—के बीच लंबे समय से चल रहा विवाद अब सुप्रीम कोर्ट की चौखट तक पहुंच गया है। दोनों अधिकारियों के बीच शुरू हुआ यह विवाद प्रशासनिक गलियारों में काफी चर्चा का विषय बना हुआ है। हाल ही में इस मामले पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने दोनों पक्षों को मध्यस्थता के जरिए विवाद सुलझाने की सलाह दी है।
क्या है पूरा मामला
वर्ष 2023 में दोनों अधिकारियों के बीच सार्वजनिक रूप से आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हुआ था। सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर हुई टिप्पणियों के बाद विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों अधिकारियों ने एक-दूसरे के खिलाफ मानहानि के मुकदमे दर्ज करा दिए। इसके बाद मामला अदालतों तक पहुंच गया और अब इसकी सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में हो रही है।
कोर्ट ने जताई चिंता
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दोनों अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में बेहद प्रतिभाशाली और अनुभवी हैं। अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि आपसी विवाद के कारण दोनों का पेशेवर करियर और प्रतिष्ठा प्रभावित हो रही है। न्यायालय ने माना कि यह ऐसा मामला है जिसे कानूनी लड़ाई के बजाय बातचीत और आपसी सहमति से सुलझाया जा सकता है।
सेवानिवृत्त जज को बनाया गया मध्यस्थ
मामले के समाधान के लिए सुप्रीम कोर्ट ने सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस कुरियन जोसेफ को मध्यस्थ नियुक्त किया है। अब दोनों अधिकारियों के बीच बातचीत कराकर विवाद समाप्त करने की कोशिश की जाएगी। अदालत को उम्मीद है कि मध्यस्थता के माध्यम से दोनों पक्ष एक सकारात्मक समाधान तक पहुंच सकेंगे।
देशभर में बनी चर्चा का विषय
दो वरिष्ठ अधिकारियों के बीच यह विवाद लंबे समय से मीडिया और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब सुप्रीम Court के हस्तक्षेप और मध्यस्थता की पहल के बाद सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या दोनों अधिकारी आपसी मतभेद भुलाकर समझौते के रास्ते पर आगे बढ़ेंगी।


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