TET अनिवार्यता पर मऊगंज के शिक्षकों में असमंजस, भविष्य को लेकर बढ़ी चिंता
मऊगंज | वायरल भारत
मध्य प्रदेश सहित देशभर के लाखों शिक्षकों के बीच टीईटी (Teacher Eligibility Test) को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट द्वारा सेवा में कार्यरत शिक्षकों के लिए भी टीईटी अनिवार्य किए जाने के फैसले के बाद मऊगंज जिले के शिक्षकों में चिंता और अनिश्चितता का माहौल देखा जा रहा है।
शिक्षकों का कहना है कि वे वर्षों से विद्यालयों में सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन अब अचानक टीईटी अनिवार्य होने से उनके सामने नई चुनौती खड़ी हो गई है। कई शिक्षकों को आशंका है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर परीक्षा उत्तीर्ण नहीं कर पाए तो उनकी नौकरी और सेवा संबंधी लाभ प्रभावित हो सकते हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने अपने हालिया फैसले में स्पष्ट किया है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए टीईटी एक अनिवार्य पात्रता है। हालांकि अदालत ने प्रभावित शिक्षकों को राहत देते हुए अनुपालन की अंतिम तिथि 31 अगस्त 2028 तक बढ़ा दी है।
मध्य प्रदेश में भी इस फैसले को लेकर शिक्षक संगठनों ने सरकार से स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है। शिक्षकों का कहना है कि वर्षों की सेवा देने वाले कर्मचारियों के लिए अचानक परीक्षा अनिवार्य करना व्यावहारिक कठिनाइयां पैदा कर सकता है। वहीं शिक्षा विभाग की ओर से अभी विस्तृत दिशा-निर्देशों का इंतजार किया जा रहा है।
फिलहाल मऊगंज और विंध्य क्षेत्र के हजारों शिक्षक सरकार और शिक्षा विभाग के अगले कदम पर नजर बनाए हुए हैं। टीईटी को लेकर बनी यह अनिश्चितता आने वाले दिनों में बड़ा मुद्दा बन सकती है।

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