रीवा। शहर के अमहिया थाना में पुलिस ने एक अनोखी और सराहनीय पहल की है, जिससे पुलिस-जन संपर्क और बच्चों के तरक्की के मार्ग को नया रूप मिला है। थाना प्रभारी शिवा अग्रवाल की पहल पर यहां एक ऐसे कार्यक्रम की शुरुआत हुई है, जिसमें आसपास के बच्चों को पुलिस स्टेशन में आमंत्रित कर पढ़ाई-लिखाई, खेल-कूद और आत्मविश्वास जैसी बातें सिखाई जा रही हैं।
पुलिस स्टेशन ही बच्चों के लिए ‘पाठशाला’
इस पहल के तहत हफ्ते में एक दिन थाने का दरवाज़ा खुलता है और बच्चों को पढ़ने, खेलने और सीखने का मौका मिलता है। कार्यक्रम में बच्चों को अंग्रेज़ी भाषा का अभ्यास भी कराया जाता है, जिसके परिणाम स्वरूप कई बच्चे अब अंग्रेज़ी में अपना परिचय और संवाद करने लगे हैं।
थाना परिसर में बच्चों के लिए अलग-अलग गतिविधियाँ कराई जा रही हैं, जिसमें खेल-कूद, ABC सीखना, संवाद सत्र और पुलिस कर्मियों से सवाल-जवाब भी शामिल हैं। इससे बच्चों में अनुशासन, आत्मविश्वास और पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ रही है।
पुलिस-बच्चों का भरोसा और दोस्ती
यह पहल बच्चों को पुलिस से डरने के बजाय दोस्ती और विश्वास विकसित करने का अवसर दे रही है। बच्चों ने भी खुशी जताते हुए पुलिस कर्मियों के साथ मिलकर खेल-कूद किया और जान-पहचान बढ़ाई। थानेदार शिवा अग्रवाल ने बच्चों को अनुशासन और पढ़ाई की महत्ता के बारे में भी बताया।
समाज निर्माण में सकारात्मक बदलाव
यह कार्य केवल एक कार्यक्रम ही नहीं, बल्कि समाज और पुलिस के बीच सकारात्मक सेतु बनाने का प्रयास है, जिसमें बच्चों के मानसिक और शैक्षिक विकास को पुलिस की दोस्ती और मार्गदर्शन से बल मिला है। इससे बच्चों का पुलिस के प्रति भरोसा बढ़ा है और उनके अभिभावक भी इस पहल को प्रशंसा की दृष्टि से देख रहे हैं।
अमहिया थाना की यह पहल यह दिखाती है कि सिर्फ कानून-व्यवस्था लागू करना ही पुलिस का काम नहीं है, बल्कि समाज के हर वर्ग के साथ सहयोग और भरोसे का रिश्ता मजबूत करना भी उसका प्रमुख दायित्व है।


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