ऑपरेशन सिंदूर। 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत की कार्रवाई ने पाकिस्तान को सिर्फ सैन्य स्तर पर ही नहीं, बल्कि उसके टॉप लीडरशिप को भी डर में डाल दिया था। पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने खुद स्वीकार किया है कि मई में भारत की जवाबी कार्रवाई के दौरान उन्हें बंकर में छुपने की सलाह दी गई थी।
राष्ट्रपति जरदारी ने शनिवार को एक कार्यक्रम में बोलते हुए कहा कि जब भारत ने मई में जवाबी हमले शुरू किए, तब उनके मिलिट्री सेक्रेटरी ने उन्हें तत्काल सुरक्षा के लिए बंकर में जाने को कहा था। यह बयान भारत के ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान में बने भय और असुरक्षा की स्थिति को उजागर करता है।
वतन को बचाने के लिए जानों की कुर्बानी देने काे तैयार- जरदारी
जरदारी ने कहा- मेरे मिलिट्री सेक्रेटरी मेरे पास आए और बोले सर, जंग शुरू हो गई है। आपको बंकर में चलना चाहिए। मैंने कहा, अगर शहादत लिखी है तो यहीं आएगी। नेता बंकरों में नहीं, जंग के मैदान में मरते हैं।
हालांकि, इस दौरान जरदारी पाकिस्तानी सेना के झूठ को आगे बढ़ाते दिखे। उन्होंने कहा, हमारी फौज ने सरकार के आदेश पर आंखों में आंखें डालकर इंडिया को मुंह-तोड़ जवाब दिया कि जिससे उन्हें पता लग गया कि ये कोई खेल नहीं है। मोदी को पता लग गया कि हम जंग-ए-मैदान के लिए खुद तैयार हैं। हम अपने वतन को बचाने के लिए जानों की कुर्बानी देने के लिए तैयार हैं। गोलियां हम मारेंगे तुम क्या गोलियां मारोगे। तुम चार दिन जंग नहीं लड़ सके। इतनी बड़ी इकोनॉमी, हमसे दस गुना बड़ा मुल्क कहलाते हो। मगर हमारे जितना जज्बा कहां से लाओगे।
पहलगाम हमले के जवाब में ऑपरेशन सिंदूर
इंडियन फोर्सेस ने 7 मई की तड़के ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत की थी। कार्रवाई 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में की गई थी, जिसमें 26 नागरिकों को धर्म पूछ कर मार दिया था। इस ऑपरेशन के तहत भारत ने पाकिस्तान और PoK में 9 आतंकी ठिकानों को तबाह किया था। इसके बाद भारत ने पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों पर भी सटीक हमले किए, जिससे पाकिस्तान को काफी नुकसान हुआ।
सीमा पर बढ़ा तनाव, फिर सीजफायर की गुहार
ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव काफी बढ़ गया। पाकिस्तान की ओर से सीमा पर गोलीबारी और हमले हुए, जिनका भारतीय सेना ने कड़ा जवाब दिया। हालांकि, हालात तब बदले जब पाकिस्तान के डीजीएमओ (DGMO) ने खुद भारत के डीजीएमओ से संपर्क कर सीजफायर की गुहार लगाई। भारत ने इसे माना और सीजफायर का ऐलान कर दिया।
भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने भी इसकी पुष्टि की थी। उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच जमीन, समुद्र और हवा में सभी सैन्य गतिविधियों को रोकने पर सहमति बनी।


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