राहुल गांधी को स्टालिन की बधाई ने फिर छेड़ी कांग्रेस-DMK रिश्तों की चर्चा
नई दिल्ली | वायरल भारत
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के जन्मदिन पर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और डीएमके प्रमुख एम.के. स्टालिन द्वारा दी गई शुभकामनाओं ने एक बार फिर कांग्रेस और डीएमके के रिश्तों को लेकर राजनीतिक चर्चाओं को हवा दे दी है। ऐसे समय में जब दोनों दलों के बीच राजनीतिक दूरी बढ़ चुकी है, स्टालिन का संदेश कई सवाल खड़े कर रहा है।
दरअसल, तमिलनाडु की राजनीति में लंबे समय तक कांग्रेस और डीएमके सहयोगी रहे हैं। दोनों दलों ने कई चुनाव साथ मिलकर लड़े और राष्ट्रीय स्तर पर भी एक-दूसरे का समर्थन किया।
हालांकि 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के बाद राजनीतिक समीकरण बदल गए और कांग्रेस ने डीएमके से अलग राह चुन ली। इसके बाद दोनों दलों के संबंधों में खटास खुलकर सामने आई।
हाल के दिनों में डीएमके के मुखपत्र 'मुरासोली' में राहुल गांधी की कार्यशैली और कांग्रेस की रणनीति पर तीखे सवाल उठाए गए। पार्टी से जुड़े लेखों में कांग्रेस पर गठबंधन की राजनीति को कमजोर करने के आरोप लगाए गए, जिससे दोनों दलों के बीच तनाव और स्पष्ट दिखाई दिया।
इसी बीच राहुल गांधी के जन्मदिन पर स्टालिन ने उन्हें शुभकामनाएं दीं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह संदेश केवल औपचारिक बधाई नहीं बल्कि विपक्षी राजनीति में संवाद के दरवाजे खुले रखने का संकेत भी हो सकता है। हालांकि फिलहाल दोनों दलों के बीच किसी नई राजनीतिक साझेदारी के संकेत नहीं मिले हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि राष्ट्रीय राजनीति में बदलते समीकरणों के बीच कांग्रेस और डीएमके के रिश्तों पर लगातार नजर बनी हुई है। जन्मदिन की यह शुभकामना भले ही एक सामान्य राजनीतिक शिष्टाचार हो, लेकिन इससे पुराने गठबंधन की यादें जरूर ताजा हो गई हैं।

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