मध्य प्रदेश कांग्रेस में फिर दिखी अंदरूनी खींचतान, जीतू पटवारी और दिग्विजय सिंह के अलग-अलग रुख से बढ़ी सियासी चर्चा
मध्य प्रदेश कांग्रेस में एक बार फिर अंदरूनी मतभेद खुलकर सामने आते दिखाई दे रहे हैं। उज्जैन के कथित भूमि आवंटन मामले को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी द्वारा लगाए गए आरोपों पर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की अलग राय सामने आने के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दिग्विजय सिंह ने उपलब्ध दस्तावेजों का हवाला देते हुए कहा कि संबंधित ट्रस्ट के मामले में तथ्यों की पूरी पुष्टि किए बिना किसी पर आरोप नहीं लगाए जाने चाहिए। उनके इस बयान के बाद कांग्रेस के भीतर ही अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं और कई नेताओं ने सार्वजनिक रूप से अपनी नाराजगी भी जताई।
इसी बीच कांग्रेस नेत्री निधि चतुर्वेदी ने भी दिग्विजय सिंह की कार्यशैली पर सवाल उठाए। हालांकि बढ़ते विवाद के बीच पार्टी नेतृत्व ने स्थिति संभालने की कोशिश की। पार्टी की बैठक के बाद दिग्विजय सिंह और जीतू पटवारी संयुक्त रूप से मीडिया के सामने आए और कांग्रेस की एकजुटता का संदेश देते हुए कहा कि पार्टी पूरी तरह संगठित है और किसी तरह का मतभेद नहीं है।
उधर, कांग्रेस के इस घटनाक्रम पर भारतीय जनता पार्टी ने भी प्रतिक्रिया दी। भाजपा नेताओं ने कांग्रेस की अंदरूनी स्थिति पर तंज कसते हुए कई राजनीतिक बयान दिए। इस पूरे घटनाक्रम ने मध्य प्रदेश की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।

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