रीवा में PM आवास योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा! 34 हितग्राहियों पर FIR, सरकारी राशि की होगी वसूली
रीवा नगर निगम ने प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत सरकारी सहायता राशि प्राप्त करने के बावजूद मकान निर्माण नहीं कराने वाले 34 हितग्राहियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। नगर निगम ने सभी के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराते हुए सरकारी राशि की वसूली की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
नगर निगम की जांच में सामने आया कि वर्ष 2017 में बेनिफिशियरी लेड कंस्ट्रक्शन (BLC) घटक के तहत इन हितग्राहियों के खातों में 70 हजार रुपये से लेकर 1 लाख रुपये तक की पहली किस्त भेजी गई थी। लेकिन वर्षों बीत जाने के बाद भी अधिकांश लाभार्थियों ने न तो मकान का निर्माण कराया और न ही योजना की शर्तों का पालन किया।
जांच के दौरान यह भी पता चला कि 6 हितग्राहियों ने पहली किस्त मिलने के बाद अपनी जमीन ही बेच दी, जबकि कई लोगों ने सरकारी राशि का उपयोग अन्य कार्यों में कर लिया। नगर निगम ने सभी लाभार्थियों को कई बार नोटिस जारी कर राशि लौटाने और मकान निर्माण पूरा करने के निर्देश दिए थे, लेकिन अधिकांश लोगों ने न तो राशि वापस की और न ही संतोषजनक जवाब दिया।
नोटिस के बाद केवल 5 हितग्राहियों ने 10 से 20 हजार रुपये तक की आंशिक राशि जमा कराई। इसके बाद नगर निगम ने शेष लाभार्थियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराते हुए राजस्व वसूली की कार्रवाई शुरू कर दी।
एफआईआर दर्ज होने वाले 34 हितग्राहियों के नाम
सुरेश साकेत
रामलाल कोल
शिवकुमार साकेत
राजेश कोल
कमलेश साकेत
मुन्नालाल कोल
रामबाबू साकेत
संतोष कोल
महेंद्र साकेत
राकेश कोल
लल्लू साकेत
शिवप्रसाद कोल
दिनेश साकेत
अशोक कोल
राजकुमार साकेत
बृजेश कोल
पप्पू साकेत
मोहन कोल
सुनील साकेत
घनश्याम कोल
कैलाश साकेत
रमेश कोल
विजय साकेत
अर्जुन कोल
ओमप्रकाश साकेत
प्रदीप कोल
शंकर साकेत
कमल कोल
गोपाल साकेत
जगदीश कोल
हरिशंकर साकेत
उमेश कोल
भूरा साकेत
महेश कोल
नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराना है। योजना में सरकारी धन के दुरुपयोग या अनियमितता को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

Post a Comment